
तिरुवनंतपुरम : केरल साइबर पुलिस ने दिल्ली में जेन ज़ी प्रदर्शन को लेकर दिए गए भड़काऊ बयान को लेकर आरएसएस नेता टीजी मोहनदास के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। यह मामला तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को निशाना बनाकर की गई उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों के ख़िलाफ़ मिली शिकायतों के बाद दर्ज किया। टीजी मोहनदास के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में कथित तौर पर उन्होंने कहा था, “प्रदर्शनकारियों में ऐसी महिलाएं शामिल हैं जिन्हें बलात्कार पसंद है और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को पीटना चाहिए और उन पर गोली चलानी चाहिए।”
उन्होंने कहा था, “अगर मैं ज़िम्मेदारी में होता, तो जंतर-मंतर के चार वर्ग किलोमीटर के इलाके में कर्फ्यू लगा देता। मैं लोगों से तीन बार वहां से हटने के लिए कहता। इसके बाद गोली चलवा देता। लोग भाग जाते, कुछ मर जाते, कुछ बच जाते और कुछ के हाथ-पैर चले जाते। चार घंटे के भीतर स्थिति पूरी तरह शांत हो जाती।”बार एंड बेंच के अनुसार, एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 192 और 353(1)(बी), आईटी एक्ट की धारा 66 और केरल पुलिस एक्ट की धारा 120(o) के तहत आरोप लगाए गए हैं। इन धाराओं में दंगा भड़काने के इरादे से उकसावे, हिंसा भड़काने के उद्देश्य से बयान प्रकाशित करने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से जुड़े अपराधों के लिए सज़ा का प्रावधान है।

