
कोच्चि: केरल सरकार ने बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय को बताया कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2015 के भ्रष्टाचार मामले में केरल राज्य काजू विकास निगम (केएससीडीसी) के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मंजूरी देने का फैसला किया है। न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने महाधिवक्ता जाजू बाबू की इस बात को दर्ज किया कि एजेंसी को मुकदमा चलाने की स्वीकृति प्रदान की जाएगी और निर्देश दिया कि अगली सुनवाई की तारीख आठ जुलाई को इसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। अदालत, कोल्लम निवासी कड़कंपल्ली मनोज द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
उन्होंने याचिका में भ्रष्टाचार मामले में केरल राज्य काजू विकास निगम के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई को अभियोजन स्वीकृति देने संबंधी अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया था। यह भ्रष्टाचार का मामला वर्ष 2015 का है, जब उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने निगम में कथित अनियमितताओं के संबंध में मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने जांच पूरी करने के बाद निगम के पूर्व अध्यक्ष आर. चंद्रशेखरन सहित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अभियोजन स्वीकृति का अनुरोध किया था। इसके बाद मनोज ने सीबीआई को अभियोजन स्वीकृति देने संबंधी अदालत के निर्देशों को लागू कराने की मांग को लेकर अदालत का रुख किया। एकल पीठ ने अभियोजन स्वीकृति देने में बार-बार हो रही देरी के बाद अवमानना कार्यवाही शुरू की और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया।

