
नयी दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे साइबर सुरक्षा को बढ़ावा दें। इसके लिए वे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को 2.5 घंटे के ‘साइबर हाइजीन सर्टिफिकेशन कोर्स’ में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें और जागरूकता बढ़ाने वाली मासिक गतिविधियां आयोजित करने के लिए ‘साइबर क्लब’ बनाएं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘यह पहल गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ‘साइबर हाइजीन’ (सुरक्षित डिजिटल आदतों) को प्रोत्साहित करना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि बच्चों द्वारा डिजिटल मंचों का बढ़ता उपयोग उन्हें ऑनलाइन जोखिमों-जैसे ग्रूमिंग (बहला-फुसलाकर शोषण), साइबर बुलिंग (ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न), ऑनलाइन उत्पीड़न और वित्तीय साइबर धोखाधड़ी- के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।’’
बोर्ड ने स्कूलों को सलाह दी है कि वे हर महीने के पहले बुधवार को ‘साइबर जागरूकता दिवस’ के तौर पर मनायें और इस दौरान वे क्विज, भाषण, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिताएं, शपथ लेने के कार्यक्रम, वाद-विवाद और जागरूकता सत्र जैसी गतिविधियां आयोजित करें। इसमें कहा गया कि स्कूल साइबर जागरूकता को सालाना कार्यक्रमों, अभिभावक-शिक्षक बैठकों और खास अभियानों में भी शामिल कर सकते हैं।
अधिकारियों ने स्कूलों को सलाह दी है कि वे छात्रों के बीच साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक शपथ बांटें और उनसे उस पर अपने माता-पिता के हस्ताक्षर करवाएं। यह प्रतिज्ञा सुरक्षित ऑनलाइन तौर-तरीकों, सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल और बुनियादी साइबर सुरक्षा आदतों पर केंद्रित है। आई4सी के निदेशक निशांत कुमार ने कहा, ‘‘जागरूकता बचाव का हमारा सबसे मजबूत जरिया है। स्कूलों के जरिए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों तक पहुंचकर हम साइबर सुरक्षा का ऐसा माहौल बना रहे हैं जो परिवारों और समुदायों को उभरते हुए ऑनलाइन खतरों से बचाने में मदद कर सकता है।’’

