बिटचैट ऐप पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर केरल उच्च न्यायालय ने केंद्र से जवाब मांगा

केरल उच्च न्यायालय ने बिना इंटरनेट ब्लूटूथ के जरिए चलने वाले मैसेजिंग ऐप 'बिटचैट' पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

Razi Ahmad
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कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने मैसेजिंग ऐप ‘बिटचैट’ को ‘ब्लॉक’ किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

‘गिटहब’ का बिटचैट एक ‘ओपन-सोर्स’ मैसेजिंग ऐप है, जो ब्लूटूथ के जरिए काम करता है और इसके इस्तेमाल के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। जुलाई 2026 में दिल्ली में इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने के दौरान यह ऐप लोकप्रिय हुआ था।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) ने अक्टूबर में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत इस ऐप और इसकी वेबसाइट को अवरुद्ध करने का कथित रूप से आदेश जारी किया था।

याचिकाकर्ता ‘एप्रोप्रिएट टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी’ के अनुसार, इस आदेश के बाद मोबाइल फोन निर्माता कंपनी एप्पल ने अपने भारतीय ‘ऐप स्टोर’ से बिटचैट को हटा दिया और गूगल ने भी इसे अपने ‘प्ले स्टोर’ से हटा दिया।

मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी. एम. की पीठ ने गृह मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ-साथ एप्पल इंडिया और गूगल इंडिया को ऐप अवरुद्ध किए जाने के मामले में हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया।

साथ ही, पीठ ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस बारे में केंद्र सरकार की आपत्ति पर फिलहाल फैसला नहीं किया जाएगा।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तारीख तय की।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।