

तिरुवनंतपुरम: केरल के विपक्षी गठबंधन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)ने केरल विश्वविद्यालय के कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल की ‘वंदे मातरम्’ को लेकर की गई टिप्पणी की रविवार को आलोचना की। कुन्नुम्मल ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस)के एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘‘जो लोग ‘वंदे मातरम्’ नहीं कहते, उन्हें यह नहीं पता कि उनकी मां कौन है।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने कुन्नुम्मल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि ‘‘एक कुलपति कुछ भी कहने को तैयार थे’’।





गोविंदन ने आरोप लगाया, ‘‘वह संघ परिवार के भगवाकरण के एजेंडे को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए वह आरएसएस के सभी कार्यक्रमों में जाते हैं और ऐसे भाषण देते हैं जिनसे आरएसएस की महिमा का गुणगान होता है। वह एक कुलपति की तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं।’’ राज्य के पूर्व मंत्री और नेडुमंगड के विधायक जी.आर. अनिल ने कुलपति की टिप्पणियों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘घटिया’ करार दिया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता ने कहा, ‘‘यह कुल मिलाकर केरल के लोगों के लिए अपमानजनक है।’’
अनिल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत का इस्तेमाल लोगों को ‘सांप्रदायिक’ आधार पर बांटने और उससे राजनीतिक फ़ायदा उठाने के लिए किया है।अनिल ने कहा कि उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राज्य सरकार, यानी कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार, केंद्र के प्रति तुष्टीकरण का रवैया अपना रही है। केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद, राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अपने आधिकारिक समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का गायन नहीं किया।
