केरल सरकार ने जान-बूझकर ‘वंदे मातरम्’ का गायन नहीं होने दिया: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

केरल में स्वतंत्रता दिवस समारोहों में वंदे मातरम् नहीं गाए जाने पर सियासी विवाद बढ़ गया। भाजपा ने सरकार पर सवाल उठाए, जबकि माकपा ने कांग्रेस से माफी की मांग की।

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तिरुवनंतपुरम: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस पर राज्य के आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाने का फैसला यूडीएफ सरकार ने ‘‘जानबूझकर’’ लिया था और चेतावनी दी कि इसके ‘‘राजनीतिक और कानूनी परिणाम’’ होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे यूं ही नहीं छोड़ सकते।’’ चंद्रशेखर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस शासित कर्नाटक और तेलंगाना तथा गैर-भाजपा शासित हिमाचल प्रदेश में वंदे मातरम् गाया गया, लेकिन केरल में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी के ‘‘नियंत्रण’’ के कारण लिया गया।

उन्होंने एक दिन पहले नयी दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाए जाने का कथित रूप से कांग्रेस नेता सोनिया गांधी द्वारा विरोध किए जाने की भी आलोचना की। नेमोम से भाजपा विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि वहां जो हुआ, उसे बयां करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जब इस देश द्वारा स्वीकार की गई एक महिला वंदे मातरम् का गायन रोकने की कोशिश करती है, तो इससे पता चलता है कि उनकी राजनीति, हित और लक्ष्य क्या हैं। हमें इसे समझने की जरूरत है। वे राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं।’’ माकपा के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने कांग्रेस द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाए जाने के लिए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की।

विश्वम ने संवाददाताओं से कहा कि भारत से प्रेम करने वाली कोई भी धर्मनिरपेक्ष पार्टी वंदे मातरम् को देश के राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, ‘‘जब भाजपा सरकार राष्ट्रगान की जगह वंदे मातरम् को लाने की कोशिश करती है, जो आरएसएस का पसंदीदा है, तो उसके खिलाफ रुख अपनाना चाहिए। भले ही यह आरएसएस या भाजपा का पसंदीदा हो, भारत इसे राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया गया और उनमें से किसी ने इसका विरोध नहीं किया।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।