
लातेहार : जिले के चंदवा से एक अहम मामला सामने आया है। यहां लोहार, गंझू और अन्य प्रभावित समुदायों के प्रतिनिधियों ने लातेहार के उपायुक्त को आवेदन सौंपकर खतियान के अभाव में जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है। प्रतिनिधियों का कहना है कि उनके अधिकांश पूर्वज भूमिहीन और आर्थिक रूप से कमजोर थे। इसी वजह से उनके पास 1932 या अन्य पुराने खतियान उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में झारसेवा पोर्टल पर खतियान अनिवार्य होने के कारण बड़ी संख्या में जाति प्रमाण पत्र के आवेदन निरस्त हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में ग्राम सभा के सत्यापन, स्थानीय जांच और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर भी जाति प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान है। लेकिन स्थानीय स्तर पर इन प्रावधानों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। प्रतिनिधियों का कहना है कि इसका सीधा असर छात्रों और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ रहा है। छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाओं, राशन कार्ड और सरकारी नौकरियों में आरक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ लेने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समाज के लोगों ने उपायुक्त से मांग की है कि जिले के सभी अंचलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि ग्राम सभा के प्रस्ताव, स्थानीय जांच रिपोर्ट और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर पात्र लोगों का जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सके। साथ ही इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष शिविर आयोजित करने की भी मांग की गई है।

