
लातेहार: महुआडांड़ प्रखंड के शिवनगर-रेगाई होते हुए लोध फोल जाने वाली मुख्य मार्ग पर लाखों रुपये की लागत से बना पुल महज एक साल में ही ध्वस्त हो गया है। घटिया सामग्री और हड़बड़ी में किए गए निर्माण का खामियाजा आज हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।पुल की हालत इतनी खराब है कि यह अब लोगों के लिए मौत का रास्ता बन चुका है। रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे, मरीज, राहगीर और लोध घूमने आए सैलानी जान जोखिम में डालकर यहां से गुजर रहे हैं। थोड़ी सी बारिश होते ही पुल के पास पानी भर जाता है और दुर्घटना तय मानी जाती है।
ठेकेदार ने की गलती छिपाने की कोशिश
जब इस संबंध में पत्रकार मौके पर पहुंचे तो ठेकेदार आनन-फानन में डस्ट डालकर अपनी गलती छिपाने में जुट गया। लेकिन हकीकत छिप नहीं सकी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के समय ही मानकों की अनदेखी की गई।
लाखों की आबादी परेशान
इस मार्ग से अनुमंडल के दर्जनों गांवों की लाखों की आबादी जुड़ी है। पुल छतिग्रस्त होने से एम्बुलेंस और जरूरी वाहनों को भी दिक्कत हो रही है। मरीजों को अस्पताल पहुंचने में घंटों लग रहे हैं। सैलानियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब पुल की मरम्मत की मांग की है।

