गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी को सूचना मिली थी कि लोहरदगा-कुडू मुख्य सड़क से हिरही नावाटोली जाने वाले रास्ते पर एक संदिग्ध अल्टो कार खड़ी है। कार के पास दो लोग काफी देर से मौजूद थे। सूचना मिलने के बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की टीम गठित कर छापेमारी की गई।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने कार के पास खड़े दो संदिग्धों को देखा। पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पंकज चौरसिया को पकड़ लिया। वह बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मानपुर बियुर का निवासी है। वहीं, दूसरा आरोपी विश्वनाथ कुमार कार की चाबी लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया।
कार की तलाशी में मिले गांजे के 38 पैकेट
पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को थाने पहुंचाया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि कार में छिपाकर गांजा बनारस ले जाया जा रहा था। इसके बाद अंचलाधिकारी रामनारायण खलखों को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में कार का लॉक तोड़कर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कार के अंदर भूरे रंग के टेप में लिपटे गांजे के कुल 38 पैकेट बरामद हुए। इनमें दो-दो किलोग्राम के 15 पैकेट और एक-एक किलोग्राम के 23 पैकेट शामिल थे। पुलिस के अनुसार, बरामद गांजे का कुल वजन 53 किलोग्राम है। इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपी के पास से नथिंग कंपनी का एक स्मार्टफोन भी मिला।
फर्जी नंबर प्लेट और कार जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो प्लास्टिक की फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की हैं। इन पर ‘JH01R7313’ और छोटे अक्षरों में ‘IND’ लिखा हुआ था। इसके अलावा, ‘OR02BK1101’ नंबर प्लेट लगी ग्रे रंग की मारुति अल्टो कार को भी जब्त किया गया है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
लोहरदगा पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपी विश्वनाथ कुमार की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। साथ ही, गांजे की तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की भी जांच की जा रही है।


