रोहतास से भटककर बच्चा पहुंचा लोहरदगा, आरपीएफ ने किया रेस्क्यू

लोहरदगा स्टेशन पर सासाराम-रांची एक्सप्रेस से भटककर पहुंचे 13 वर्षीय बालक को आरपीएफ ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत सुरक्षित रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा।

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रांची: सासाराम-रांची एक्सप्रेस में गलती से सवार होकर लोहरदगा रेलवे स्टेशन पहुंचे एक 13 वर्षीय नाबालिग बालक को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सुरक्षित रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन के हवाले कर दिया। यह घटना 2 अगस्त की है जब आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा के अधिकारी और जवान स्टेशन पर गश्त कर रहे थे। सुबह करीब 9:30 बजे प्लेटफॉर्म संख्या 1 के मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक बच्चा अकेला और डरा-सहमा बैठा दिखाई दिया। संदेह होने पर आरपीएफ टीम ने उससे पूछताछ की, जिसमें उसने अपना नाम गणेश कुमार चुटिया जिला रोहतास बताया।

बालक ने बताया कि वह गलती से ट्रेन संख्या 18636 सासाराम रांची एक्सप्रेस में बैठ गया था और भटकते हुए लोहरदगा स्टेशन उतर गया। उसे वापस घर जाने का रास्ता समझ नहीं आ रहा था। आरपीएफ ने तुरंत बच्चे को ढांढस बंधाया, उसकी काउंसलिंग की और मामले का सत्यापन करने के बाद लोहरदगा चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित किया। इसके बाद बालक की सुरक्षा और आगे की कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए उसे चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर मनोज कुमार को सौंप दिया गया। यह पूरी कार्रवाई आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत की गई, जिसका मकसद ट्रेनों और स्टेशनों पर भटकने वाले बच्चों को सुरक्षित बचाकर उनके परिवार से मिलाना है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में आरपीएफ के एएसआई अभिषेक कुमार, महिला स्टाफ मंजू कुमारी और प्रीति ने मुख्य भूमिका निभाई।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।