
नई दिल्ली : देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने की खबरों के बीच कई घरों में खाना बनाने को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत में अधिकांश परिवार भोजन पकाने के लिए एलपीजी गैस पर निर्भर रहते हैं, लेकिन सप्लाई में अस्थायी रुकावट आने पर लोगों को वैकल्पिक तरीकों की तलाश करनी पड़ रही है।
ऐसे में आधुनिक इलेक्ट्रिक उपकरण और पारंपरिक तरीके घरों में खाना बनाने के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। यहां ऐसे पांच आसान विकल्प बताए जा रहे हैं जिनकी मदद से एलपीजी की कमी के दौरान भी घर में भोजन तैयार किया जा सकता है।
1. इंडक्शन कुकटॉप
इंडक्शन कुकटॉप एलपीजी स्टोव का सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। यह उपकरण इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक के जरिए बर्तन को सीधे गर्म करता है, जिससे खाना जल्दी बनता है और ऊर्जा की बचत भी होती है। इंडक्शन पर चावल, दाल, सब्जी, ऑमलेट और पैनकेक जैसे सामान्य व्यंजन आसानी से बनाए जा सकते हैं। हालांकि इसके लिए इंडक्शन अनुकूल बर्तनों की जरूरत होती है।
2. इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट
इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट गैस बर्नर की तरह ही काम करती है, लेकिन इसमें गर्मी बिजली से उत्पन्न होती है। इसका उपयोग पानी उबालने, चाय बनाने, नूडल्स पकाने या पहले से बने खाने को गर्म करने के लिए किया जा सकता है। यह सरल और उपयोग में आसान विकल्प है।
3. माइक्रोवेव ओवन
माइक्रोवेव ओवन का उपयोग अक्सर खाने को गर्म करने के लिए किया जाता है, लेकिन इससे कई तरह के व्यंजन भी बनाए जा सकते हैं। इसमें स्टीम्ड सब्जियां, बेक्ड आलू, ओट्स और कई तरह के क्विक मील तैयार किए जा सकते हैं। यह खासकर उन लोगों के लिए सुविधाजनक है जिन्हें जल्दी खाना बनाना होता है।
4. इलेक्ट्रिक राइस कुकर
राइस कुकर सिर्फ चावल पकाने के लिए ही नहीं, बल्कि खिचड़ी, सूप, नूडल्स और स्टीम्ड सब्जियां बनाने के लिए भी उपयोगी होता है। इसे चलाना आसान होता है और इसमें ज्यादा निगरानी की जरूरत नहीं पड़ती।
5. सोलर और पारंपरिक तरीके
सोलर कुकर सूर्य की ऊर्जा से भोजन पकाने का पर्यावरण के अनुकूल तरीका है। इसमें गैस या बिजली की जरूरत नहीं होती, हालांकि खाना बनने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। कुछ क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर लकड़ी या कोयले के चूल्हे का भी इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसमें सुरक्षा और उचित वेंटिलेशन का ध्यान रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी सबसे सुविधाजनक और व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला ईंधन है, लेकिन सप्लाई सामान्य होने तक ये विकल्प घरों की रसोई को सुचारु रखने में मदद कर सकते हैं।
