
मुंबई : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संकटग्रस्ट किसानों के लिए धन की कमी का हवाला दे रही है, जबकि राज्य पर बढ़ते कर्ज के बोझ के बावजूद ‘‘अनावश्यक’’ परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है। पाटिल की यह टिप्पणी तब आयी है जब एक दिन पहले कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) सहित कई दलों के नेताओं को मुंबई में कोंकण क्षेत्र के किसानों की मांगों को लेकर एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था।
राज्य के पूर्व मंत्री पाटिल ने कहा, ‘‘किसानों की कई लंबित मांगों के लिए धन की कमी है। लेकिन राज्य के भारी कर्ज में होने के बावजूद कई अनावश्यक परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, जबकि जनता की ओर से उनकी कोई मांग भी नहीं है। यह चिंताजनक है।’’ किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर मुंबई में एक विरोध मार्च निकाला गया था, जिसमें स्वाभिमान शेतकारी संगठन के राजू शेट्टी, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, राष्ट्रीय समाज पक्ष के महादेव जानकर और शिवसेना (उबाठा) नेता विनायक राउत और अरविंद सावंत सहित अन्य दलों के पदाधिकारी शामिल हुए।
यह मार्च किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किया गया था, लेकिन पुलिस ने इसे राज्य सचिवालय मंत्रालय के बाहर रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। पाटिल ने एक बयान में कहा कि आम, काजू और प्याज उत्पादक किसान बेमौसम बारिश और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम बाजार भाव की दोहरी मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बेमौसम बारिश और एमएसपी से कम कीमत मिलने के कारण आम, काजू और प्याज किसानों की हालत दयनीय हो गई है। कृषि प्रधान देश में किसान अपनी मेहनत से उगाई गई फसल का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है।’’

