
नई दिल्ली : अदाणी समूह से जुड़ा अमेरिका में चल रहा बड़ा मामला अब सुलझने की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी से जुड़े केस के निपटारे पर सहमति जता दी है। अदालत में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, दोनों पक्ष जुर्माना भरकर इस मामले को खत्म करने पर राजी हो गए हैं। अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि गौतम अदाणी और कुछ अन्य लोगों ने भारत में सौर ऊर्जा से जुड़े ठेके हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश रची थी। साथ ही यह भी कहा गया कि इस मामले से जुड़ी जानकारी अमेरिकी निवेशकों से छिपाई गई।
क्या हैं आरोप?
साल 2024 के आखिर में दायर मुकदमे में SEC ने दावा किया था कि अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से जुड़े अधिकारियों ने ऊर्जा खरीद समझौते हासिल करने के लिए करोड़ों डॉलर की रिश्वत देने का वादा किया था। SEC के मुताबिक, कंपनी ने अमेरिकी निवेशकों से अरबों डॉलर जुटाए थे। निवेशकों को यह भरोसा दिलाया गया था कि कंपनी के पास मजबूत भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था मौजूद है और कंपनी का वरिष्ठ प्रबंधन रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त नीति अपनाता है।
कितना देना होगा जुर्माना?
अमेरिकी अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, गौतम अदाणी 6 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरेंगे। वहीं सागर अदाणी 1.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर का भुगतान करेंगे। हालांकि, इस प्रस्तावित समझौते में किसी भी तरह के आरोप या अपराध को स्वीकार नहीं किया गया है।

