नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारे जाने की घटना को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि अब ये दोनों “तानाशाह” संगठन हिंसा पर उतारू हैं। खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह आरोप भी लगाया कि भाजपा सरकार लोगों के सवालों से घबरा रही है और अब ‘‘लाठी-डंडे तान कर जनता पर सीधे प्रहार’’ कर रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि जनता के विरोध-प्रदर्शन का जवाब ‘‘थप्पड़-लाठी-गोली’’ से दिया जा रहा है।

खरगे ने कहा, ‘‘मोदी जी की भाजपा, लोगों के सवालों से इतना घबरा गई है कि ‘नाराज़ फूफा’, ‘दिमाग़ी नक्सल’ और ‘आंदोलनजीवी’ जैसे अपशब्द भी अब फीके पड़ रहे हैं।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस ‘‘सीधे हिंसा पर उतर आए हैं’’। उन्होंने विभिन्न विरोध-प्रदर्शनों तथा घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में एक मंत्री ने एक युवा को थप्पड़ मारा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निगरानी में जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की खबरें भी सामने आई थीं।
खरगे ने किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, लखीमपुर खीरी की घटना, गुजरात के ऊना में दलितों की पिटाई और एक केंद्रीय मंत्री के ‘‘गोली मारो’’ बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान ‘‘750 किसानों की जान’’ जाने का दावा भी किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सत्ता का अहंकार जब चरम पर होता है तो जनता का सार्वजनिक दमन और अपमान आदत बन जाती है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस ‘‘केवल नीतियों से ही लोकतंत्र नहीं कुचल रहे, अब लाठी-डंडे तान कर जनता पर सीधे प्रहार कर रहे हैं।’’


