वाशिंगटन: अमेरिका की सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं के सर्वाधिक वांछित आरोपियों में शामिल एक व्यक्ति को भारत से प्रत्यर्पित किया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने यह जानकारी दी। अमेरिका के कार्यवाहक अटॉर्नी चार्ल्स नील फ्लॉयड ने बताया कि पिछले महीने भारत में गिरफ्तार किए गए मनजीत सिंह बेदी को बुधवार रात अमेरिका वापस लाया गया। बेदी को शुक्रवार को वाशिंगटन की ‘वेस्टर्न डिस्ट्रिक कोर्ट’ में पेश किया जाएगा।

एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने कहा, “मनजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी और उसे वापस लाया जाना एफबीआई के ऐतिहासिक ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ कार्यक्रम की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।” पटेल ने कहा, “बेदी को वापस लाने में मदद करने के लिए एफबीआई सिएटल के साथ-साथ अमेरिका और भारत में हमारे कुशल कानून प्रवर्तन सहयोगियों का धन्यवाद।” नील फ्लॉयड ने कहा कि एफबीआई मुकदमे की सुनवाई तक बेदी को हिरासत में रखने का अदालत से अनुरोध करेगा, क्योंकि वह देश से फरार हो गया था।
बेदी की वाशिंगटन के टैकोमा शहर में ‘एशियन ग्रोसरी स्टोर’ नाम से किराने की एक छोटी दुकान थी। आरोप है कि वह पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) के लाभार्थियों को उनके इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (ईबीटी) कार्ड के जरिये खाद्य पदार्थ बेचता था। धोखाधड़ी और एसएनएपी लाभों में धोखाधड़ी के आरोपों में अभियोग दायर होने के बाद बेदी को बिना गिरफ्तारी के अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई थी। उसे अपना पासपोर्ट जमा कराने और वाशिंगटन में ही रहने का आदेश दिया गया था।
एफबीआई के अनुसार अदालत के आदेश के बाद बेदी जल्द ही गाड़ी से सीमा पार कर कनाडा पहुंचा और फिर भारत फरार हो गया। एफबीआई के सिएटल कार्यालय के प्रभारी विशेष एजेंट डब्ल्यू. माइक हेरिंगटन ने कहा, ‘‘एफबीआई की सिएटल इकाई के जांचकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के हमारे सहयोगियों की कड़ी मेहनत तथा आरोपी के ठिकाने के बारे में आम लोगों से मिली जानकारी की मदद से बेदी को अमेरिका वापस लाया जा सका है। अब उसे टैकोमा की अदालत में मुकदमे का सामना करना होगा।’’ पटेल ने कहा कि बेदी पर 2024 से 2025 के बीच एसएनएपी के तहत अमेरिका सरकार से कम से कम छह लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है और अब उसे अपने कथित अपराधों के लिए न्याय का सामना करना होगा।


