धनबाद के गांवों में सुधरेगी पानी की सप्लाई, 78.30 लाख रुपये होंगे खर्च

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए मंझलीटांड़ और कांसजोर जलापूर्ति योजनाओं पर 78.30 लाख रुपये खर्च होंगे। पांच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी चयनित एजेंसी संभालेगी।

Neeral Prakash
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धनबाद: जिले के ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है। मंझलीटांड़ और कांसजोर जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर कुल 78.30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों योजनाओं का रखरखाव 2026 से 2031 तक यानी पांच साल तक किया जाएगा।

मंझलीटांड़ योजना पर 26.10 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके तहत एक एमएलडी क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, इंटेक वेल और ओझाडीह-कटनिया ग्रामीण जलापूर्ति योजना की पाइपलाइन का रखरखाव किया जाएगा। वहीं, कांसजोर जलापूर्ति योजना के लिए 52.20 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसमें 1.5 एमएलडी क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, इंटेक वेल और मैरानावाटांड़ ग्रामीण जलापूर्ति योजना की पाइपलाइन की देखभाल शामिल है। इस व्यवस्था से हत्सारा और कुरकुटांड़ की पानी की टंकियों तक जलापूर्ति की जाती है।

योजनाओं के नियमित रखरखाव से पाइपलाइन लीकेज रोकने, पानी की बर्बादी कम करने और ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2026 शाम चार बजे तक निर्धारित है। तकनीकी निविदा 30 अक्टूबर को शाम चार बजे खोली जाएगी। चयनित एजेंसी पांच साल तक दोनों योजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।