रांची : आसान से लगने वाले सवालों में भी गहरी वैज्ञानिक बातें छिपी हो सकती हैं। गुरुवार को ये बातें उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहीं। वे सेंट जेवियर्स कॉलेज में आयोजित 32वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत जिला स्तरीय शॉर्टलिस्टिंग कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के भौतिकी विभाग में किया गया था। कार्यक्रम में श्री भजंत्री ने छात्रों को ऐसे वैज्ञानिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विचारों की मौलिकता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि एआई को केवल सहायक उपकरण के रूप में सीमित उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने जिज्ञासा, रचनात्मकता और सामाजिक प्रभाव को नवाचार का मूल आधार बताया तथा सवाल पूछने की कला को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आसान से लगने वाले सवालों में भी गहरी वैज्ञानिक बातें छिपी हो सकती हैं। कार्यक्रम की चेयरपर्सन (वाइस प्रिंसिपल और भौतिकी विभाग की प्रमुख) डॉ. स्वरत चौधरी ने इस वर्ष की फोकल थीम और पाँच थीमैटिक क्षेत्रों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने एआई-जनित विचारों के बजाय मौलिक एवं नवाचारी विषयों पर जोर दिया।

वहीं, इवेंट मेंटर डॉ. फादर अजय अरुण मिंज एस.जे. ने भी सवाल पूछने की आदत को बढ़ावा दिया और सर आइजैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए वैज्ञानिक जिज्ञासा की महत्ता बताई। छात्रों के शोध कार्यों और नवाचारी विचारों का मूल्यांकन अनुभवी विशेषज्ञों के पैनल ने किया। मूल्यांकनकर्ताओं में डॉ. एन.वी.ए. राव, डॉ. रितेश शुक्ला, डॉ. अनुपमा भार्गव, डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. रेमन कुमार सिंह, बीआईटी मेसरा के डॉ. किंगशुक बोस तथा कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।


