मेट्रो ने रचा इतिहास : देश में पहली बार नदी के नीचे चलते हुए हावड़ा पहुंची, देखें Video

सुरंग में पानी के प्रवाह और रिसाव को रोकने के लिए कई सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं। पानी को सुरंग में घुसने से रोकने के लिए इन खंडों में फ्लाई ऐश और माइक्रो सिलिका से बने कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है

News Update
5 Min Read
#image_title
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

कोलकाता: कोलकाता मेट्रो (Kolkata Metro) ने बुधवार को इतिहास रचने का काम किया है। यहां लंबे इंतजार के बाद आज देश की पहली मेट्रो हुगली नदी (Hooghly River) के नीचे दौड़ी है।

भारत में पहली बार मेट्रो ने नदी के नीचे यात्रा पूरी की है। इस मेट्रो रैक (Metro Rack) ने हुगली नदी को पार किया है।

इस यात्रा के दौरान मेट्रो रेलवे के अतिरिक्त महाप्रबंधक HN जायसवाल और MD KMRCL के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी मेट्रो में मौजूद थे।

हावड़ा मैदान स्टेशन (Howrah Maidan Station) पर मेट्रो के पहुंचने पर मेट्रो रेलवे के जनरल मैनेजर पी उदय कुमार रेड्डी ने पूजा की। दरअसल, दो मेट्रो रैक को आज एस्प्लेनेड स्टेशन (Esplanade Station) से हावड़ा मैदान स्टेशन ले जाया गया है।

मेट्रो ने रचा इतिहास : देश में पहली बार नदी के नीचे चलते हुए हावड़ा पहुंची, देखें Video Metro created history: for the first time in the country reached Howrah by walking under the river, see video

इस खंड पर वाणिज्यिक सेवाएं इस साल शुरू हो जाएंगी

जानकारी के मुताबिक, जल्द ही हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड तक 4।8 किलोमीटर के भूमिगत खंड पर Trial Run शुरू किया जाएगा।

उम्मीद है कि इस खंड पर वाणिज्यिक सेवाएं (Commercial Services) इस साल शुरू हो जाएंगी। एक बार यह खंड खुल गया, तो हावड़ा देश का सबसे गहरा Metro Station होगा।

इसकी गहराई सतह से 33 मीटर नीचे है। उम्मीद है कि मेट्रो के 45 सेकंड में हुगली नदी के नीचे 520 मीटर के हिस्से को कवर कर लेगी।

यह सुरंग नदी में पानी की सतह से 32 मीटर की गहराई में बनाई गई है, जो अपने आप में इंजीनियरिंग (Engineering) का बेहतरीन नमूना है।मेट्रो ने रचा इतिहास : देश में पहली बार नदी के नीचे चलते हुए हावड़ा पहुंची, देखें Video Metro created history: for the first time in the country reached Howrah by walking under the river, see video

कोलकाता के लोगों के लिए विशेष उपहार

सुरंग में पानी के प्रवाह और रिसाव को रोकने के लिए कई सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं। पानी को सुरंग में घुसने से रोकने के लिए इन खंडों में फ्लाई ऐश और माइक्रो सिलिका से बने कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है।

Metro Railway के अधिकारी ने कहा है कि मेट्रो रेलवे के लिए यह ऐतिहासिक पल है। इस कार्य को पूरा करने में कई बाधाएं आई थी।

मगर, सभी रुकावटों को पार करने के बाद हुगली नदी के नीचे बुधवार को रैक चलाने में हम सफल हुए हैं।

कोलकाता और आस-पास के लोगों को आधुनिक यातायात प्रदान करने की दिशा में यह क्रांतिकारी कदम है। यह कोलकाता (Kolkata) के लोगों के लिए विशेष उपहार है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही Video

मेट्रो के इस कारनामे का वीडियो ‘मेट्रो रेल कोलकाता’ के ट्विटर अकाउंट (Twitter Account) से शेयर किया गया है।

यह वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें ट्रेन को पानी के अंदर से गुजरते हुए देखा जा सकता है। Internet Users इस अद्भूत नजारे को देखकर हैरान हैं।

लोगों ने इस कामयाबी की जमकर तारीफ की है। बता दें कि मध्य कोलकाता के बोउबाजार क्षेत्र में दुर्घटनाओं के कारण Project को पूरा करने में देरी हुई।

31 अगस्त, 2019 को एक टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने एक जलभृत को टक्कर मार दी थी, जिससे गंभीर भू-धंसाव हुआ और बोबाजार में कई इमारतें ढह गई थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्शन पर कॉमर्शियल सर्विस (Commercial Service) इस साल शुरू हो सकती है। मेट्रो से हुगली नदी के नीचे 520 मीटर का हिस्सा 45 सेकंड में कवर हो सकता है।

मालूम हो कि नदी के नीचे बनी यह सुरंग जलस्तर से 32 मीटर नीचे है। सुरंग में पानी के प्रवाह और रिसाव को रोकने के लिए सुरक्षा से जुड़े कई उपाय किए गए हैं।

इसके लिए इन खंडों में फ्लाई ऐश और माइक्रो सिलिका (Micro Silica) से बने कंक्रीट मिश्रण का उपयोग किया गया है।

Share This Article