
Inflation News : मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब देश के घरेलू बाजारों में दिखने लगा है। बढ़ती परिवहन और शिपिंग लागत के कारण खाद्य तेल, दाल, चावल, FMCG उत्पादों के साथ-साथ टीवी और फ्रिज जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी महंगे होने लगे हैं।
खाद्य तेल और दाल के दाम में तेजी
बीते कुछ हफ्तों में सरसों तेल की कीमत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में अब यह 175 से 200 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 165 से 190 रुपये थी। वहीं रिफाइंड तेल के 750 एमएल पैक की कीमत 155 से 160 रुपये तक पहुंच गई है।
इसके अलावा अरहर दाल अब 120 से 130 रुपये प्रति किलो, कतरनी चावल 60 से 65 रुपये प्रति किलो और बासमती चावल 120 से 130 रुपये प्रति किलो के दायरे में बिक रहा है। व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
FMCG उत्पादों पर भी महंगाई की मार
महंगाई का असर डिटरजेंट, साबुन और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर भी दिखने लगा है। कई उत्पादों की कीमतों में 4 से 5 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। कंपनियों का कहना है कि डीजल, पैकेजिंग मटेरियल और शिपिंग लागत बढ़ने से उत्पादन लागत प्रभावित हुई है।
टीवी और फ्रिज की कीमतें भी बढ़ीं
वैश्विक तनाव और रुपये में कमजोरी का असर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। बढ़ती आयात लागत और कच्चे माल की कीमतों के कारण कई कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं।
SAMSUNG ने 20 मई से अपने कई उत्पादों की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। कारोबारियों के अनुसार, टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद अब पहले की तुलना में महंगे हो गए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि परिवहन खर्च और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत बढ़ने से बाजार पर दबाव बना हुआ है। यदि मिडिल ईस्ट की स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती, तो आने वाले समय में रोजमर्रा की अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।

