स्टालिन का बिजली दरों में गड़बड़ी को लेकर टीवीके सरकार पर निशाना

एम. के. स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार पर बिजली कटौती और बढ़े हुए बिलों को लेकर हमला बोला। उन्होंने 3.7 लाख शिकायतों का हवाला देते हुए भुगतान की समयसीमा बढ़ाने की मांग की।

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चेन्नई: द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर बिजली क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोलते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही उपभोक्ता बिजली कटौती और भारी भरकम बिजली बिल से परेशान हैं। बिजली की उच्च दरों को लेकर 3.7 लाख से अधिक शिकायतें मिलने की बात सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि जब तक इन गड़बड़ियों को ठीक नहीं कर लिया जाता, तब तक बिल भुगतान की अंतिम तिथि तुरंत बढ़ाई जाए।

स्टालिन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘जब से टीवीके सरकार सत्ता में आई है, बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है-पहले बिजली कटौती का मुद्दा आया, और अब बिजली दरों का नया मुद्दा खड़ा हो गया है।’’ उन्होंने दावा किया कि सरकार के पास यह स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था कि 3.7 लाख परिवारों ने बिजली बिलों में बढ़ोतरी को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं।

द्रमुक नेता ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर जनता द्वारा व्यक्त किए जा रहे व्यापक आक्रोश को देखकर यह स्पष्ट है कि प्रभावित उपभोक्ताओं की कुल संख्या इससे कई गुना अधिक हो सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब तक इन विसंगतियों का ऑडिट नहीं किया जाता और इनका समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक बिजली बिलों के भुगतान की अंतिम तिथि बढ़ाई जानी चाहिए।’’ स्टालिन ने कहा, ‘‘सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में बिजली मीटर रीडिंग सटीक रूप से दर्ज की जाए।’’

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।