अब बिना कैथेटर दिल की नसों की होगी जांच, जमशेदपुर में आया एडवांस CT स्कैन

जमशेदपुर के एमटीएमएच में अत्याधुनिक सीटी स्कैनर शुरू हुआ है। अब बिना कैथेटर प्रक्रिया के दिल की धमनियों में ब्लॉकेज की जांच और हृदय रोग के जोखिम का आकलन संभव होगा।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जमशेदपुर : दिल की धमनियों में ब्लॉकेज की जांच के लिए अब मरीजों को हर बार कैथेटर आधारित इनवेसिव प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। जमशेदपुर के मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (एमटीएमएच) में अत्याधुनिक Revolution Maxima CT स्कैनर शुरू किया गया है। इससे CT Coronary Angiography के माध्यम से हाथ की नस में कॉन्ट्रास्ट डाई देकर दिल की धमनियों की तस्वीर ली जा सकेगी। इस तकनीक से धमनियों में संकुचन और ब्लॉकेज का पता लगाने में मदद मिलेगी।

सेकेंडों में होगी दिल की जांच

GE HealthCare की इस मशीन को चार नवंबर को टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदर रामम ने उद्घाटित किया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह अपनी तरह का जमशेदपुर का एकमात्र CT स्कैनर है। इसमें 500-स्लाइस इक्विवेलेंट तकनीक और 32 सेंटीमीटर कवरेज की सुविधा है। इसकी मदद से दिल की धड़कन के दौरान भी स्पष्ट तस्वीरें प्राप्त की जा सकती हैं। मशीन की एक खासियत CT Calcium Scoring है। इसके जरिए बिना इंजेक्शन दिए कोरोनरी धमनियों में कैल्शियम के जमाव का आकलन किया जा सकता है। इससे डॉक्टरों को भविष्य में हृदय रोग के जोखिम का आकलन करने में मदद मिलती है। वहीं, CT Coronary Angiography में हाथ की नस के माध्यम से कॉन्ट्रास्ट डाई देकर धमनियों की विस्तृत तस्वीर प्राप्त की जाती है।

82 प्रतिशत तक कम हो सकता है रेडिएशन

नई मशीन में ASiR-V तकनीक दी गई है, जिसके बारे में अस्पताल ने दावा किया है कि मरीज और जांच के प्रकार के अनुसार रेडिएशन डोज 82 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इसमें 0.28 मिलीमीटर रिजॉल्यूशन की सुविधा है। एडवांस डुअल एनर्जी तकनीक से ब्रेन एंजियोग्राफी और मेटल आर्टिफैक्ट रिडक्शन जैसी विशेष जांचों में भी मदद मिलेगी। ब्रेन स्ट्रोक, सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों, कैंसर तथा छाती और पेट से जुड़ी बीमारियों की जांच भी इससे की जा सकेगी।

डिजिटल एक्स-रे सिस्टम भी शुरू

अस्पताल में आधुनिक डिजिटल एक्स-रे सिस्टम भी शुरू किया गया है। इसमें फ्लोरोस्कोपी, डिजिटल स्पॉट इमेजिंग, हाई रिजॉल्यूशन एक्स-रे और सिने मोड जैसी सुविधाएं हैं। ऑटोमैटिक स्टिचिंग, पोजिशनिंग और ट्रैकिंग के साथ रिमोट कंट्रोल की सुविधा भी दी गई है। डीबी सुंदर रामम ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक से स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाना जरूरी है। इन नई मशीनों से मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।