गिरिडीह : गांडेय विधायक कल्पना सोरेन गुरुवार को यहां आयोजित मारांग बुरु धोरोमगाड़ महासम्मेलन में शामिल हुईं। इस अवसर पर अपने संबोधन में कल्पना सोरेन ने कहा कि मारांग बुरु केवल एक पहाड़ नहीं, हमारी आस्था, परंपरा, पहचान और अस्तित्व का आधार हैं। उन्होंने कहा कि आज आदिवासी समाज से पूछा जा रहा है कि मारांग बुरु से उनका संबंध कितना पुराना है? कहां लिखा है? किस अभिलेख में इसका उल्लेख है?

लेकिन सवाल यह है कि क्या किसी समाज की आस्था और सदियों पुरानी परंपरा का प्रमाण केवल कागज़ों में दर्ज कुछ पंक्तियां ही हो सकती हैं? मारांग बुरु हमारी आस्था भी हैं, हमारी पहचान भी। इससे पहले उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।



