seaplane सेवा को बढ़ावा देने के लिए करार

नई दिल्ली: देश में सी-प्लेन seaplane सेवा को बढ़ावा देने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और बंदरगाह, जहाजरानी तथा जलमार्ग मंत्रालय ने आज एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि सी-प्लेन परियोजना को जल्द से जल्द अमली जामा पहनाने की दिशा में यह करार एक मील का पत्थर साबित होगा।

इसके तहत विमान सेवा से वंचित स्थानों को हवाई नेटवर्क में शामिल करने की मंत्रालय की ‘उड़ान’ योजना में सी-प्लेन के परिचालन का विकास किया जायेगा।

सी-प्लेन सेवा के लिए संभावित मार्गों के चयन तथा सेवा का समय पर शुरू होना सुनिश्चित करने के लिए दोनों मंत्रालयों के अलावा पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों को शामिल करते हुये ए संयोजन समिति का गठन किया जायेगा।

सी-प्लेन परिचालन के लिए चयनित जलाशयों के तटों पर बुनियादी ढाँचे के विकास की जिम्मेदार बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय की होगी।

वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नागर विमानन महानिदेशालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से जरूरी मंजूरियाँ प्राप्त कर तय मानकों के अनुसार वाटरड्रमों का विकास करेगा।

सी-प्लेन सेवा के लिए ऑपरेटरों के चयन की जिम्मेदारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय की होगी।

वह बोली प्रक्रिया के तहत ऑपरेटरों को मार्गों का आवंटन करेगा और आवंटित वाटरड्रमों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता भी मुहैया करायेगा।

करार के मौके पर नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस समझौते से नये वाटरड्रामों के विकास और नये सी-प्लेन मार्गों पर सेवा शुरू करने के काम में तेजी आयेगी।

इससे देश में नये प्रकार के पर्यटन की भी संभावना बनेगी।

बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री मनसुख लाल मंडाविया ने कहा कि यह समझौता भारतीय सामुद्रिकी और नागरिक उड्डयन क्षेत्रों के लिए परिवर्तनकारी साबित होगा।

यह सी-प्लेन के जरिये पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटन उद्योग को भी गति प्रदान करेगा।

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