कुछ मुद्दों पर BJP और TDP का संबंध कभी भी हो सकता है असहज, जानिए कारण…

News Aroma
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Narendra Modi Depends on his Allies. : इस बार लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) परिणाम के बाद केंद्र में मिली जुली सरकार बनी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अपने सहयोगियों पर निर्भर हैं। NDA में भारतीय जनता पार्टी के साथ सहयोगियों में सबसे बड़ा दल TDP है। इसके 16 सांसद हैं।

विश्लेषकों का यह मानना है कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिनके कारण BJP और TDP के संबंध कभी भी असहज हो सकते हैं। आंध्र प्रदेश में सरकार बनने के बाद सबकी निगाह मुस्लिम आरक्षण सहित ऐसे फैसलों पर रहेगी, जिन्हें लेकर भाजपा और टीडीपी की राह एकदम अलग दिखती है।

TDP ने साफ किया है कि वह मुस्लिम कोटा खत्म नहीं करेगी। जबकि भाजपा ने और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे चुनाव के दौरान मुस्लिम आरक्षण की खुलकर मुखालफत की थी।

TDP का मानना है कि यह रुख भाजपा का है और वह तब होगा जब BJP राज्य में अपने दम पर सरकार बनाएगी। TDP किसी भी समुदाय का कोटा नहीं हटाएगी।

टीडीपी का मानना ​​रहा है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति के हों, गरीबी से निपटने के लिए लाभ मिलना चाहिए और यह जारी रहेगा। TDP कई अन्य मुद्दों पर केंद्र सरकार पर भी दबाव बनाने के मूड में है।

परिसीमन का मुद्दा भी इसमें शामिल है। पार्टी का कहना है कि फैसले अकेले नहीं लिए जाएं और न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों के हितों और प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखा जाए। दक्षिण की यह पार्टी परिसीमन और समान नागरिक संहिता (CAA) जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा चाहती है।

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