किसान आंदोलन के ट्रैक्टर मार्च में शामिल लोगों ने उड़ाईं कोरोना नियमों की धज्जियां

नई दिल्ली: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से यूपी गेट पहुंचे ट्रैक्टर मार्च में शामिल नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाईं।

मास्क और शारीरिक दूरी के नियमों को दरकिनार कर जमकर हुड़दंगई की। इससे कोरोना के फैलाव का खतरा बना।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत की अगुआई में शुक्रवार दोपहर ट्रैक्टर मार्च मेरठ से गाजियाबाद की सीमा में प्रवेश किया।

जीप में सवार नरेश टिकैत बिना मास्क के दिखे।  उनके साथ जीप में सवार अन्य लोग भी मास्क नहीं पहने थे।

आलम यह रहा कि शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पहुंची किसान शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे और यह स्थिति शनिवार सुबह भी बनी हुई है।

यहां पहुंचे प्रदर्शनकारी तो मास्क व शारीरिक दूरी के नियमों का भी पालन नहीं कर रहे हैं।

यूपी गेट सभा स्थल के मंच पर भी नरेश टिकैत व अन्य नेताओं ने नियमों का पालन नहीं किया। स

भा में मौजूद प्रदर्शनकारी भी बिना मास्क व शारीरिक दूरी के बैठे रहे।  वहीं, सुबह भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी बिना मास्क के धरना स्थल पर देखे गए।

दरअसल, यूपी गेट पर चल रहा किसान आंदोलन अब भीड़ में तब्दील हो गया लगता है। इन्हें नियंत्रित करने का कोई इंतजाम न तो भारतीय किसान यूनियन की ओर से किया गया है और न ही संयुक्त किसान मोर्च ने इस बाबत कोई नया फरमान ही जारी किया है।

ट्रैक्टर मार्च में शामिल ज्यादातर प्रदर्शनकारी शनिवार को वापस चले जाएंगे। यहां पर किसी ने मास्क व शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया है।

अगर कोई भी एक प्रदर्शनकारी कोरोना से संक्रमित होगा तो यूपी गेट से लेकर सहारनपुर तक संक्रमण फैल सकता है।

ट्रैक्टर मार्च में शामिल तमाम युवा रास्ते में हुड़दंगई करते देखे गए। तेज ध्वनि में गाना बजाकर ट्रैक्टर पर खड़े रहे।

कई बार लटकर स्टंट भी किया। इससे हादसे का खतरा बना। वहीं, मार्च में शामिल ट्रैक्टर लिंक रोड पर खड़े हो गए हैं। इसपर वाहन भी चल रहे हैं। इससे हादसे का खतरा है।

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