भारतीय सेना की दो महिला अधिकारियों ने दुनिया को दिखाई ताकत, जानें लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया की कहानी

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Indian Armed Forces : ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की, जिसने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिजबुल मुजाहिदीन के ढांचे को तबाह कर दिया।

यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के जवाब में थी।

नई दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय सेना की लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन की जानकारी दी, जिसने भारत की सैन्य ताकत और महिला सशक्तिकरण को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया। आइए, लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रेरक यात्रा पर नजर डालें।

आतंक पर करारा प्रहार

‘ऑपरेशन सिंदूर’ 7 मई की रात 1:05 से 1:30 बजे तक चला, जिसमें 25 मिनट में SCALP और HAMMER मिसाइलों से नौ आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए, जिनमें बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह (JeM) और मुजफ्फराबाद का मरकज तैबा (LeT) शामिल थे।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया, “पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर हमने 70 से अधिक आतंकियों को मार गिराया, बिना किसी नागरिक हताहत के।” व्योमिका सिंह ने मिसाइलों की सटीकता और संयुक्त सैन्य रणनीति पर प्रकाश डाला। पाकिस्तान ने आठ नागरिकों की मौत का दावा किया, जिसे भारत ने खारिज कर दिया।

साहस और नेतृत्व की मिसाल

लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी, मूल रूप से गुजरात के वडोदरा की रहने वाली, का जन्म 1981 में हुआ। उन्होंने बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और 1999 में चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से प्रशिक्षण लेकर सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया।

उनके दादा और पिता (धार्मिक शिक्षक) भी सेना से जुड़े थे। सोफिया की शादी मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री के मेजर ताजुद्दीन कुरैशी से हुई है, और उनका एक बेटा, समीर कुरैशी, है।

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