रांची : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने रांची के बेड़ो प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रखंड स्तरीय जनजातीय संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद कर जनजातीय समाज की समस्याओं को गहराई से समझा।

डॉ. आशा लकड़ा ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनजातीय समाज की समस्याओं को केवल सुनने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका समयबद्ध, त्वरित और विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों और हितों की रक्षा करना आयोग की प्राथमिकता है।
संवाद के दौरान सीएनटी एक्ट के अनुपालन, जनजातीय भूमि हस्तांतरण और भूमि विवादों से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए। इस पर डॉ. आशा लकड़ा ने अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमानुसार जांच कर कानून का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सरना और मसना स्थलों के निर्माण एवं संरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। जिस पर उन्होंने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की बात कही।
कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं जैसे शिक्षकों की कमी, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़कों की जर्जर स्थिति और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त की जानी चाहिए ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
इस अवसर पर बेड़ो प्रखंड प्रमुख वीनिता कच्छप, अंचल अधिकारी राजकुवर सिंह, थाना प्रभारी, विभिन्न पंचायतों के मुखिया और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।


