नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को उस जनहित याचिका पर केंद्र, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कई राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) में कर्मचारियों की कमी है, वे निष्क्रिय हैं या उनके शीर्ष पद रिक्त हैं।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अधिवक्ता सृष्टि अग्निहोत्री के माध्यम से उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किए।


