


जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आयोग के अधिकारियों के साथ एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. गौतम सूत्रधार और संस्थान के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनजातीय कर्मचारियों और विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करना और उनकी स्थिति की समीक्षा करना था।





समीक्षा बैठक के दौरान जनजातीय कर्मचारियों की समस्याओं, आरक्षण रोस्टर के पालन और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। डॉ. आशा लकड़ा ने संस्थान के अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि जनजातीय हितों से संबंधित सभी मामलों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा बैठक से पहले डॉ. आशा लकड़ा ने एनआईटी जमशेदपुर में पढ़ रहे जनजातीय छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा, पढ़ाई में आने वाली चुनौतियों, उनकी आवश्यकताओं और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और तकनीकी ज्ञान युवाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व बेहतर अवसर प्रदान करना आयोग की प्राथमिकता है। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को रखा, जिस पर डॉ. आशा लकड़ा ने उन्हें गंभीरता से सुनते हुए उचित स्तर पर त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
