पटना : लोजपा (रा) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दावा किया है कि हम बंगाल में भी एनडीए की सरकार बनायेंगे।उन्होने संकेत दिया कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उतर सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सांसद राजेश वर्मा इस समय पश्चिम बंगाल में कैंप कर रहे हैं और वहां राजनीतिक हालात का आकलन किया जा रहा है। चिराग पासवान रविवार को पटना में मीडिया से मुखातिब थे।नये साल में वह पहली बार पटना पहुंचे हैं। यहां उन्होने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर उन्हे नववर्ष की शुभकामनाएं दी। चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एनडीए की बैठक के बाद यह तय किया जाएगा कि पार्टी बंगाल में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों में एनडीए की सरकार बनेगी। चिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस और राजद के विधायकों में भारी असंतोष है और विपक्ष के बहुत से विधायक उनके और उनकी पार्टी के संपर्क में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जिम्मेदारी नहीं ले रहे। वह सदन और मीडिया से गायब हैं और हार का कारण बताने के बजाय वोट चोरी का झूठा आरोप लगा रहे हैं। यही हाल रहा तो राजद का नामोनिशान मिट जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही वह यात्रा पर निकलेंगे। चिराग पासवान ने सवालों के जवाब में कहा कि खबरें जितनी सनसनीखेज दिखती है उतनी होती नहीं हैं। एनडीए के पास कोई ऐसी परिस्थिति नहीं है कि वह विपक्ष के विधायकों को तोड़े या अपने साथ लाने की हमलोग कोशिश करें। दो सौ से अधिक विधायकों के साथ बिहार में एनडीए की मजबूत सरकार चल रही है लेकिन इतना तो जरूर है कि विपक्ष के कई ऐसे दल हैं जिनके विधायकों ने समय समय पर संपर्क जरूर किया है और उनकी ईच्छा जरूर रही है। उन्होंने कहा कि मैं खुद इसका भुक्तभोगी रहा हूं, मेरी पार्टी को तोड़ा गया है। मैं उस दर्द को समझता हूं जब किसी भी दल के टूटने की परिस्थिति आती है। मैं कभी भी ऐसी परिस्थिति को बढ़ावा नहीं देता हूं। विपक्ष के कुछ विधायकों ने पार्टी नेताओं और हमसे संपर्क साधा है। वह आते हैं या नहीं आते हैं और टूटते हैं या नहीं टूटते हैं लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि कांग्रेस और राजद के कई ऐसे विधायक और नेता हैं जिनमें असंतोष है।

चिराग पासवान ने बिहार में चुनावी जीत के लिए जनता का आभार जताने के उद्देश्य से खरमास समाप्त होने के बाद ‘आभार यात्रा’ निकालने की घोषणा की। इसके साथ ही 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर लोजपा (रा) द्वारा दही–चूड़ा भोज का आयोजन किया जाएगा। वहीं, लोजपा(रा) सांसद शाम्भवी चौधरी द्वारा सांसद निधि फंड नहीं खर्च करने से जुड़े मसले पर उन्होंने कहा कि वे अपने सांसद और विधायक फंड की नियमित समीक्षा करते हैं। अगर वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद भी फंड खर्च नहीं होता है, तो वह चिंता का विषय है, लेकिन अभी वित्तीय वर्ष पूरा होने में समय है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर चिराग पासवान ने कहा कि यह फैसला केंद्र सरकार का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से वे भी इस मांग का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी मांग रखनी चाहिए, अंतिम निर्णय केंद्र सरकार ही लेगी।
इसके साथ ही राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष पर हमला बोलते हुए चिराग पासवान ने कहा कि सीएए और एनआरसी के नाम पर देश का माहौल खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में एसआईआर के नाम पर वोट चोरी का झूठा मुद्दा उठाकर राहुल गांधी ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। चिराग ने कहा कि अगर बिहारियों के साथ कुछ गलत होता है तो बिहारी बर्दाश्त नहीं करता। जब कुछ गलत हुआ ही नहीं, तो विरोध कैसा?” मनरेगा को लेकर भी चिराग पासवान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा को भ्रष्टाचार की योजना के रूप में चलाया, जिसे केंद्र सरकार सुधार रही है। वहीं योजनाओं के नाम बदलने के आरोप पर उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि समय–समय पर योजनाओं के नाम बदलते रहे हैं। राम मंदिर और जी राम जी के मुद्दे पर भी चिराग पासवान ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राम मंदिर का विरोध किया और अब ‘जी राम जी’ के नाम से भी उसे परेशानी है। कांग्रेस के इस आरोप पर कि ‘जी राम जी ’ का बोझ केंद्र ने राज्यों पर डाल दिया है, चिराग ने सवाल किया कि कांग्रेस की सरकार आखिर कितने राज्यों में है, जबकि ज्यादातर राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकार है।




