एनडीआरएफ अधिकारी ने 56 वर्ष की उम्र में पूरी की 218वीं मैराथन

एनडीआरएफ के 56 वर्षीय डीआईजी मोहसिन शाहिदी ने वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में अपनी 218वीं मैराथन सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।

Razi Ahmad
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नयी दिल्ली: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 56 वर्षीय उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मोहसिन शाहिदी ने रविवार को ‘वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन’ में अपनी 218वीं मैराथन पूरी की। उन्होंने 21 किलोमीटर की इस दौड़ को एक घंटे 55 मिनट और सात सेकंड में पूरा किया, तथा अब वह और अधिक कठिन चुनौतियों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

यह दौड़ जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की गई थी।

शाहिदी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उनकी दौड़ने की यात्रा 1994 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में शामिल होने के तुरंत बाद शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नीमच में अपने प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में, उन्हें सैन्य बलों की शारीरिक दक्षता जांचने वाली कठिन परीक्षा 40 किलोमीटर के ‘बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट’ (बीपीईटी) से गुजरना पड़ा था।

उन्होंने कहा, ‘‘इसकी शुरुआत सेवा में शामिल होने के साथ हुई थी और जिस पहली मान्यता प्राप्त मैराथन में मैंने भाग लिया, वह 2000 में कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान थी, जब मैं भारतीय विशेष पुलिस इकाई का हिस्सा था।’’

वहां डेनिश बटालियन पारंपरिक रूप से सर्बियाई पहाड़ियों में 100 किलोमीटर की ‘डैनकॉन डेथ मार्च’ (अत्यधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण सैन्य मार्च) आयोजित करती थी।

शाहिदी और उनके एक सहयोगी ने कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करते हुए 56 देशों के 197 प्रतिभागियों में पहला स्थान हासिल किया था। उन्होंने यह दौड़ 13 घंटे 15 मिनट में पूरी की थी।

इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘आज की दौड़ के साथ ही मैंने 218 मैराथन पूरी कर ली हैं, जिनमें अफ्रीका और यूरोप की कुछ मैराथन के साथ-साथ लगभग 10 ऐसी अंतरराष्ट्रीय मैराथन शामिल हैं जो वर्चुअल तरीके से पूरी की गईं।’’

शाहिदी ने कहा, ‘‘हम नवंबर में होने वाली गोवा आयरनमैन प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं।’’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी दौड़ने की यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।