
रांची: झारखंड के ‘अफसरों वाला स्कूल’ के नाम से जाना जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में से एक नेतरहाट स्कूल को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। अब इस स्कूल में छात्राओं को भी पढ़ने का मौका मिलेगा। नए नियमों के तहत लड़कियों के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। नई व्यवस्था के अनुसार, नेतरहाट स्कूल में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा अब झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस तैयार करने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि यह नई नियमावली 2026-27 सत्र से लागू हो सकती है, जिसके बाद प्रवेश प्रक्रिया JAC के माध्यम से ही पूरी की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले साल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस बदलाव की घोषणा की थी। उन्होंने नेतरहाट स्कूल के दरवाजे छात्राओं के लिए खोलने की बात कही थी। अब इस फैसले के लागू होने के बाद लड़कियां भी इस प्रतिष्ठित स्कूल में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
गौरतलब है कि नेतरहाट स्कूल को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों ही स्तरों पर मान्यता प्राप्त है। इस संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र आज पूरे देश में विभिन्न उच्च पदों पर कार्यरत हैं। वास्तव में, झारखंड राज्य में ही वर्तमान में कार्यरत कई IAS और IPS अधिकारी इसी स्कूल के पूर्व छात्र हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ के छात्र आज दुनिया भर के विभिन्न देशों में अपनी पहचान बना रहे हैं। अपनी स्थापना के समय से ही, नेतरहाट स्कूल के छात्रों ने बोर्ड परीक्षाओं में लगातार शीर्ष दस रैंकों में अपना स्थान सुनिश्चित किया है-पहले अविभाजित बिहार राज्य में, और उसके बाद झारखंड में।

