तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों का जवाब मिलने पर प्रक्रिया के तहत होगी कार्रवाई : बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई में विलय करने वाले 20 सांसदों के मामले में जवाब मिलने के बाद संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया।

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस से बगावत कर ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में विलय करने वाले 20 सांसदों के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को कहा कि संबंधित सदस्यों का जवाब मिलने के बाद वह संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। बिरला ने कहा कि संबंधित सांसदों से जवाब मांगा गया है और जैसे ही उनके जवाब मिलेंगे, मामले में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला उच्चतम न्यायालय में है… मेरी अदालत में भी है। निश्चित तौर पर दसवीं अनुसूची में एक प्रक्रिया है। जैसे ही उनका जवाब आ जाएगा, तुरंत कार्रवाई शुरू कर देंगे।’’ लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह भी चाहते हैं कि मामले में पारदर्शी तरीके से कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों को जवाब देने का अवसर देना प्रक्रिया का हिस्सा है और यदि वे समय बढ़ाने की मांग करते हैं तो उन्हें समय देना पड़ता है। उनका कहना था कि इस मामले में प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

बिरला ने कहा कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी और इसमें समय लगना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन प्रक्रिया तो प्रक्रिया के हिसाब से चलेगी। अदालत में भी सारे फैसले एक दिन में नहीं हो जाते हैं।’’ दल-बदल से जुड़े मामलों में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत सांसदों की अयोग्यता पर निर्णय लेने का अधिकार संबंधित सदन के अध्यक्ष को होता है। हालांकि, ऐसे फैसलों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।