
नई दिल्ली : विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने का नया नोटिस देते हुए कई आरोप लगाए हैं। विपक्ष के 73 राज्यसभा सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस शुक्रवार को राज्यसभा सचिवालय को सौंपा गया। सूत्रों ने बताया कि विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुख्य रूप से नौ आरोप लगाए हैं। इनमें सत्तारूढ़ दल के साथ निकटता, आचार संहिता से जुड़ी कार्रवाइयों में पक्षपात और मतदाता सूचियों के त्रुटिपूर्ण विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का आरोप प्रमुख है। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल की पक्षपातपूर्ण और सार्वजनिक ढंग से निंदा करने का भी आरोप लगाया है। केरल में आयोग के एक दस्तावेज पर भाजपा की मुहर होने की घटना का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि यह सीईसी की सत्तारूढ़ दल के साथ निकटता का साक्ष्य है। विपक्षी दलों ने एसआईआर का हवाला देते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में लोगों को मताधिकार से वंचित किया गया और 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पश्चिम बंगाल में आयोग के अधिकारियों द्वारा अलग-अलग शिकायतों पर जानबूझकर कार्रवाई नहीं की गई। यह भी आरोप है कि विधानसभा चुनाव के समय नौकरशाहों के स्थानांतरण और तैनाती के लिए शक्ति का अवैध रूप से दुरुपयोग किया गया।

