
नयी दिल्ली: विपक्षी दलों ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के खिलाफ बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार के निकट प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था जिस पर ‘स्टॉप टारगेटिंग एनजीओ एंड इंस्टीट्यूशंस’ (एनजीओ और संस्थानों को निशाना बनाना बंद करो) लिखा हुआ था। लोकसभा में आज की कार्यवाही सूची में यह विधेयक चर्चा और पारित कराने के लिए शामिल है।
कांग्रेस ने मंगलवार को कहा था कि यह विधेयक असंवैधानिक है और गैर सरकारी संगठनों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा संचालित संगठनों को नष्ट कर देगा। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया था कि कांग्रेस के सांसदों को दिल्ली पहुंचने और बुधवार को सदन में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बीते बुधवार को लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करना है। राय ने कहा था कि यह विधेयक विदेशी अंशदान के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा।

