पूर्व संपादक के पासपोर्ट नवीनीकरण और मतदाता सूची से नाम हटने के मामले पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा

पूर्व संपादक आर. राजगोपाल के मतदाता सूची से नाम हटने और पासपोर्ट नवीनीकरण अटकने के मामले पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा, नागरिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।

Razi Ahmad
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नयी दिल्ली: ‘द टेलीग्राफ’ के पूर्व संपादक आर. राजगोपाल के, पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण पासपोर्ट नवीनीकरण की प्रक्रिया अटक जाने का दावा करने के बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि राजगोपाल की स्थिति नागरिकों के अधिकारों के व्यापक क्षरण को दर्शाती है। राजगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि मार्च 2026 में कोलकाता के बालीगंज विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया। उनके अनुसार, SIR के दौरान अधिकारियों को न तो उनका और न ही उनके दिवंगत पिता का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में मिला। इसी आधार पर उनका नाम सूची से हटा दिया गया।

उन्होंने लिखा कि उनके पिता एक गांधीवादी, सेवानिवृत्त प्रोफेसर और केरल में गांधी स्मारक निधि के पूर्व राज्य सचिव थे, जिनका 2016 में निधन हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने सजग मतदाता रहे उनके पिता का नाम मतदाता सूची में कैसे नहीं मिला।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।