सजा पाने वालों में सहजनाथ बेदिया, राजो देवी, संजीत बेदिया, रंजीत बेदिया, हेमंत बेदिया, महेंद्र बेदिया, पंचिंत बेदिया, कामेश्वर बेदिया, बेदिया बेदिया, अनुज बेदिया और सूकरा मुंडा शामिल हैं।
मकई की फसल को लेकर शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला 31 अगस्त 2023 का है। जानकारी के अनुसार, खेत में लगी मकई की फसल को एक सूअर द्वारा नुकसान पहुंचाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसी दौरान झामेश्वर बेदिया का दूसरे पक्ष के लोगों से विवाद हो गया था। बात बढ़ने पर झामेश्वर ने दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर दी थी।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद को लेकर बाद में सहजनाथ बेदिया अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ झामेश्वर के घर पहुंचा। आरोप है कि करीब 11 बजे सभी आरोपी घर में घुसे और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया।
कुदाल, दबली और चापड़ से किया हमला
हमले के दौरान आरोपियों ने कुदाल, दबली और चापड़ जैसे धारदार हथियारों से झामेश्वर बेदिया और उनकी दोनों पत्नियों सरिता देवी एवं संजू देवी पर वार किया। हमले में तीनों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला गर्भवती भी थी।
घटना के वक्त घर में झामेश्वर और उनकी दोनों पत्नियों के अलावा उनका भतीजा भी मौजूद था। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
रिश्तेदारों के बीच विवाद ने लिया खूनी रूप
मामले की जांच में सामने आया कि हत्या के आरोपी मृतक के ही गोतिया और रिश्तेदार बताए गए थे। खेत में फसल को हुए नुकसान जैसे मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया और तीन लोगों की जान चली गई।
करीब तीन साल चले इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने 11 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अब सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई का एक अहम चरण पूरा हो गया है।

