

इस्लामाबाद: पाकिस्तान सेना ने पिछले साल हुई लड़ाई पर बनी एक भारतीय वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) की मंगलवार को आलोचना करते हुए कहा कि इसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एकतरफा ब्योरा दिया गया है और लड़ाई की जमीनी हकीकत की अनदेखी की गयी है।





‘डिस्कवरी’ चैनल की डॉक्युसीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में पाक सेना की मीडिया शाखा ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि इस वृत्तचित्र में घटना का ‘बहुत ज्यादा नाटकीय’ और भारत को रास आने वाले तौर-तरीके से चित्रण किया गया है।
पाक सेना ने वृत्तचित्र में इस अभियान को सैन्य सफलता बताने के भारत के दावे पर सवाल उठाये हैं। इस सीरीज में भारत के वरिष्ठ राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य नेतृत्व ने 88 घंटे तक चले संघर्ष से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया है।
दो हिस्सों वाली डॉक्यूसीरीज़ में बात करते हुए, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जोखिम उठा सकता है और कड़ा प्रहार कर सकता है, चाहे परिणाम कुछ भी हों।
उन्होंने कहा कि इस सैन्य अभियान का मकसद दुश्मन के शिविरों को नष्ट करना था, खासकर उन ठिकानों को जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए ज़िम्मेदार थे क्योंकि इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।
पिछले साल सात मई की तड़के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था, जिसके तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और उसके कब्ज़े वाले कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।
परमाणु हथियारों से लैस इन दो पड़ोसी देशों के बीच लगभग चार दिनों तक चला सैन्य टकराव 10 मई की शाम को एक सहमति बनने के बाद रुक गया।
