सोशल मीडिया मंचों के नियमन पर संसदीय समिति ने इंस्टाग्राम समेत अन्य कंपनियों को तलब किया

संसदीय समिति ने सोशल मीडिया नियमन, निजता सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर चर्चा के लिए तीन अगस्त को मेटा, गूगल, एक्स, स्नैपचैट और सरकारी अधिकारियों को तलब किया।

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नई दिल्ली: सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों के नियमन पर चर्चा के लिए संसदीय समिति ने तीन अगस्त को इंस्टाग्राम समेत प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) तथा गृह मंत्रालय के अधिकारियों को तलब किया है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि समिति ने मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप), गूगल, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और स्नैपचैट के प्रतिनिधियों को यह बताने के लिए बुलाया है कि वे महिलाओं, बच्चों, किसानों, ग्रामीण लोगों, श्रमिकों और आम जनता की निजता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करते हैं तथा सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब हाल ही में सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के प्रचार और लोगों को जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर किया था। नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर हुए इस प्रदर्शन के वीडियो, रील और लाइव अपडेट सोशल मीडिया मंचों पर व्यापक रूप से साझा किए गए थे। सीजेपी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चला आंदोलन शनिवार को समाप्त हुआ था। सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने और धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह आंदोलन खत्म हुआ।

मंगलवार को जारी नोटिस के अनुसार, बैठक के एजेंडे में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गृह मंत्रालय और सोशल एवं डिजिटल मीडिया मंच — स्नैपचैट, गूगल, एक्स (पूर्व में ट्विटर), मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के प्रतिनिधियों द्वारा ‘‘सोशल मीडिया और डिजिटल मंच तथा उनका नियमन’’ विषय पर जानकारी देना शामिल है। निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तीन अगस्त 2026 को शाम चार बजे हमारी संसद की सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार समिति ने मेटा (इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सऐप), एक्स (ट्विटर), स्नैपचैट और गूगल को तलब किया है। महिलाओं, बच्चों, किसानों, ग्रामीण लोगों, श्रमिकों और आम जनता की निजता की रक्षा कैसे की जाएगी? ये कंपनियां सरकार के सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी हितों को कैसे सुनिश्चित करती हैं?’’

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।