नई दिल्ली: भारतीय अवधारणा ‘संगम’ से प्रेरित होकर ब्रिक्स के सदस्य देशों के कलाकारों ने एक साथ मिलकर शिखर सम्मेलन स्थल पर एक विशाल और विषयगत भित्तिचित्र तैयार किया। यह कलाकृति मित्रता और संस्कृतियों के संगम का प्रतीक है। भारत इस प्रभावशाली समूह (ब्रिक्स) के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के सांस्कृतिक विभाग भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ‘ब्रिक्स मैत्री भित्तिचित्र परियोजना’ के तहत तैयार यह जीवंत कलाकृति मुख्य भारत मंडपम भवन की एक दीवार पर बनाई गई है, जहां शिखर सम्मेलन कक्ष स्थित है।
इसे ‘संगम: संस्कृतियों का मिलन’ विषय के तहत बनाया गया है और इसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों की विविध कलात्मक परंपराओं को एक ही सामूहिक और सार्वजनिक कलाकृति में शामिल किया गया है। अधिकारी ने कहा कि लोगों से जुड़ाव की पहल के रूप में तैयार यह कलाकृति भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ को दर्शाती है। यह ब्रिक्स के मूल स्तंभों में से एक के रूप में सांस्कृतिक और लोगों के बीच आदान-प्रदान के महत्व को भी रेखांकित करती है। इस कला परियोजना का नेतृत्व आईसीसीआर ने किया है।
विस्तृत और रंगीन भित्तिचित्र के केंद्र में शिखर सम्मेलन का लोगो दर्शाया गया है। इसके ऊपर राजस्थान के जयपुर स्थित प्रसिद्ध हवा महल की छवि बनाई गई है और दोनों ओर हाथी के जोड़े को दर्शाया गया है जो भारत का प्रतिनिधित्व करता है। इस कलाकृति में प्रकृति, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के साथ-साथ ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों की सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाया गया है। इसमें रूसी कलाकृति के तत्वों और ब्राजील समेत अन्य देशों के प्रमुख स्थलों को दर्शाने वाली आकृतियों को भी शामिल किया गया है।

