प्रत्यूषा बनर्जी आत्महत्या मामला: 10 साल बाद राहुल राज सिंह बॉम्बे हाईकोर्ट से दोषमुक्त

बालिका वधू अभिनेत्री प्रत्यूषा बनर्जी की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल राज सिंह को आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया। कोर्ट ने केस चलाने का पर्याप्त आधार नहीं पाया।

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रांची: मशहूर टीवी धारावाहिक ‘बालिका वधू’ की अभिनेत्री प्रत्यूषा बनर्जी की मौत के बहुचर्चित मामले में उनके बॉयफ्रेंड और रांची निवासी राहुल राज सिंह को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने राहुल राज सिंह को इस मामले में लगे सभी आरोपों से बरी (दोषमुक्त) कर दिया है। हाईकोर्ट ने पाया कि राहुल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं।

गौरतलब है कि 1 अप्रैल 2016 को प्रत्यूषा बनर्जी मुंबई के गोरेगांव स्थित अपने फ्लैट में मृत पाई गई थीं। उस समय प्रत्यूषा की उम्र महज 24-25 वर्ष थी। घटना के बाद प्रत्यूषा के परिवार की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने राहुल राज सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

30 सितंबर 2026 को आए बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए राहुल राज ने कहा कि पिछले 10 सालों से वह जिस भारी दबाव और मानसिक बोझ का सामना कर रहे थे, अदालत के इस फैसले से वह उतर गया है। उन्होंने बताया कि वकील से हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी मिलते ही उनकी आंखों में आंसू आ गए। राहुल ने घटना के दिन की अपनी आखिरी फोन कॉल को याद करते हुए कहा कि वे प्रत्यूषा को लगातार समझाने और संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कोई आत्मघाती कदम उठा लेंगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।