अतीक के बेटे अली को ‘फांसी घर’ में शिफ्ट करने का आदेश, डिप्टी जेलर और वार्डर निलंबित

News Aroma
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Prayagraj News: उत्तर प्रदेश की नैनी सेंट्रल जेल, जो अपनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जानी जाती है, उसकी सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। 18 जून को DIG (जेल) राजेश श्रीवास्तव के औचक निरीक्षण के दौरान माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की बैरक से 1,100 रुपये नगद बरामद हुए। अली, जो उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी है, 30 जुलाई 2022 से नैनी जेल में बंद है।

इस घटना ने जेल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया, जिसके बाद डिप्टी जेलर कांति देवी और जेल वार्डर संजय द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही, दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

अली को हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट करने का फैसला

नगदी बरामदगी के बाद जेल प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अली अहमद को हाई सिक्योरिटी सेल, जिसे ‘फांसी घर’ बैरक के नाम से भी जाना जाता है, में शिफ्ट करने का फैसला किया। यह बैरक अन्य बैरकों से दूर है और पूरी तरह सीसीटीवी निगरानी में है। यहां 24 घंटे चार सुरक्षाकर्मी और कुछ नंबरदार तैनात रहते हैं।

ऐतिहासिक रूप से, इस बैरक में फांसी से एक दिन पहले दोषियों को रखा जाता था, और अब तक यहां 14 लोगों को फांसी दी जा चुकी है। फांसी पर रोक के बाद इसका उपयोग कम हो गया है, लेकिन महत्वपूर्ण बंदियों को यहां रखा जाता है।

क्या है मामला?

जांच में पता चला कि अली अहमद को एक मुलाकाती, संभवतः उसके वकील, ने नगदी दी थी, जो जेल कैंटीन से सामान खरीदने के लिए कूपन के बदले इस्तेमाल होनी थी। जेल नियमों के अनुसार, बंदियों के पास नकद रखना सख्त मना है, और केवल कूपन का उपयोग अनुमत है।

अली ने नियमों का उल्लंघन करते हुए नगदी अपने पास रखी, जो सुरक्षा में गंभीर चूक दर्शाता है। सीसीटीवी फुटेज में वार्डर की संलिप्तता भी सामने आई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

जेल प्रशासन की कार्रवाई

DIG राजेश श्रीवास्तव ने जेलर, डिप्टी जेलर, और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं। जेल प्रशासन ने अली की मुलाकातों पर और सख्ती कर दी है। वर्तमान में केवल उनके वकील ही उनसे मिल सकते हैं, और वह भी कड़ी निगरानी में। उमेश पाल हत्याकांड (24 फरवरी 2023) के बाद से अली की अन्य मुलाकातें बंद हैं।

अली अहमद, माफिया-राजनेता अतीक अहमद का बेटा है, जिसके खिलाफ 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जिसमें उमेश पाल हत्याकांड भी शामिल है।

उमेश पाल, 2005 में बसपा विधायक राजू पाल हत्या मामले के गवाह थे, जिनकी 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ को 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस कस्टडी में गोली मार दी गई थी। अली इस हत्याकांड में आरोपी है और नैनी जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद है।

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