33 डिग्री की गर्मी में ‘हुडी’ पहनने की एक चूक ने खोला राज, मंगेतर ने ही प्रेमी से कराया था कारोबारी का कत्ल

पुणे के लोहगढ़ किले में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला ट्रैकिंग हादसा नहीं बल्कि प्रेम, धोखे और साजिश से जुड़ा सनसनीखेज हत्या कांड निकला, जांच में खुलासा।

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नई दिल्ली : महाराष्ट्र के पुणे स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले (Lohagad Fort) में 18 जून को हुई 26 वर्षीय युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत कोई ट्रैकिंग हादसा नहीं था, बल्कि यह ‘ड्रीम वेडिंग’ से ठीक पहले रची गई हत्या की एक खौफनाक साजिश थी। इस अंधी वारदात की गुत्थी सुलझाने में टिकट काउंटर पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे ने सबसे बड़ा किरदार निभाया। कैमरे के फुटेज में 33 डिग्री सेल्सियस की चिलचिलाती गर्मी में एक युवक ‘हुडी’ (Hoodie) पहने हुए केतन और उसकी मंगेतर का पीछा करता दिखा। मौसम के विपरीत इस पहनावे ने पुलिस का माथा ठनका दिया और जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) को कत्ल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

एक्सीडेंट की थ्योरी और पुलिस का संदेह

शुरुआत में आरोपी सिया ने केतन के परिवार को गुमराह करते हुए बताया था कि ट्रैकिंग के दौरान संतुलन बिगड़ने से वह खाई में गिर गए। लोनावाला ग्रामीण पुलिस ने इसे सामान्य एक्सीडेंट मानकर मामला दर्ज किया था। चूंकि परिवार गहरे सदमे में था, इसलिए पुलिस ने तुरंत ज्यादा पूछताछ नहीं की। लेकिन जांच के दौरान केतन के चाचा ने पुलिस को एक अहम सुराग दिया। उन्होंने बताया कि सिया इस शादी को लेकर खुश नहीं थी और उसने एक बार शादी को एक साल के लिए टालने की बात भी कही थी।

इस जानकारी के बाद पुलिस ने किले के टिकट काउंटर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में केतन और सिया साथ चलते दिखे, लेकिन उनके ठीक पीछे शॉर्ट्स और ‘हुडी’ पहने एक संदिग्ध युवक नजर आया। उसने हुडी को आगे से इतना नीचे खींचा हुआ था कि उसका चेहरा न दिखे और हुडी के ऊपर हेडसेट लगा रखा था। एक अन्य क्लिप में सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसी पल हुडी वाला युवक नीचे बैठ जाता है। पुलिस ने जब उस दिन और उस समय का तापमान चेक किया, तो वह 33 डिग्री सेल्सियस था। जांच टीम के जेहन में पहला सवाल यही आया कि इतनी भीषण गर्मी में कोई सिर ढंकने वाली गर्म हुडी क्यों पहनेगा? यहीं से जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। पुलिस के मुताबिक, केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी। आगामी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर के एक पैलेस में उनकी शाही शादी होनी तय थी। दोनों प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली (Bali) जाने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया और ट्रिप रद्द हो गई।

केतन की बहन संजना से पूछताछ में पता चला कि सिया लगातार केतन पर लोहगढ़ किले चलने का दबाव बना रही थी। वह 31 मई को केतन को वहां ले गई। इसके बाद 4 जून को उसने फिर जिद की, लेकिन केतन की मां ने मना कर दिया। 14 जून को सिया दोबारा केतन को लोहगढ़ ले गई और वहां उसे खाई में धकेलने की पहली कोशिश की। उस वक्त केतन एक झाड़ी के सहारे लटक कर बच गए। जब केतन ने पूछा कि धक्का क्यों दिया, तो सिया ने ‘सांप-सांप’ का झूठा शोर मचा दिया और यह जताने की कोशिश की कि उसने तो केतन की जान बचाई है। इसके चार दिन बाद, 18 जून को उसने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर अपने मंसूबे को अंजाम दे दिया।

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने सिया की कॉल डिटेल (CDR) और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया। इसमें सिया और चेतन चौधरी के बीच एक लंबे अरसे से बातचीत के सुराग मिले। दोनों के बीच हजारों फोन कॉल्स हुई थीं, जिनमें कई कॉल्स घंटों तक चली थीं। पुलिस ने चेतन के सोशल मीडिया प्रोफाइल से उसकी तस्वीरें निकालीं और उनका मिलान सीसीटीवी में दिखे ‘हुडी वाले युवक’ के बॉडी स्ट्रक्चर से किया, जो बिल्कुल सटीक बैठा। लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने चेतन को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो पूरी साजिश की परतें उधड़ गईं। पुलिस ने चेतन से पूछा कि अगर वे दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे तो उन्होंने भागकर शादी क्यों नहीं की, केतन की जान क्यों ली? इस पर चेतन ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागना नहीं चाहती थी, क्योंकि उसका मानना था कि ऐसा करने से समाज में उसके परिवार की बहुत बदनामी होगी।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक केतन अग्रवाल पुणे के गहुंजे के निवासी थे और अपने पारिवारिक रियल एस्टेट कारोबार ‘सक्सेस ग्रुप’ में डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) थे। उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप में एमएस किया था, जबकि आरोपी सिया एक निजी कॉलेज से कॉमर्स ग्रेजुएट है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।