
हजारीबाग: दारू प्रखंड क्षेत्र के ईरगा निवासी सुशीला कुमारी के जीवन में आखिरकार संघर्ष के बाद राहत की किरण आई। पति गुलाब साव की मौत के लगभग तीन महीने के भीतर जिला प्रशासन की पहल पर उन्हें सदर अस्पताल के स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिल गई। उपायुक्त हेमंत सती ने उन्हें नियुक्ति प्रमाण पत्र सौंपा। जानकारी के अनुसार, रामनवमी की रात सुशीला कुमारी के पति पर हमला हुआ था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान रांची में उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय और सहायता की मांग को लेकर मृतक के शव के साथ एनएच-522 को जाम कर दिया था। आंदोलन के दौरान मृतक की पत्नी को नौकरी, बच्चों के भरण-पोषण के लिए बाल संरक्षण आयोग से सहायता, आवास एवं वृद्धा पेंशन की मांग उठाई गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी हारून रशीद और अंचल अधिकारी राम बालक कुमार ने तत्कालीन उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की तत्परता का परिणाम रहा कि महज तीन महीने के भीतर सुशीला कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया गया।नौकरी मिलने के बाद भावुक सुशीला कुमारी ने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में प्रशासन ने उनका साथ दिया, जिससे उनके परिवार को सहारा मिला। उन्होंने विशेष रूप से युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष रिंकू कुमार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हर कदम पर सहयोग किया। साथ ही बीडीओ और अंचलाधिकारी को भी धन्यवाद दिया। बताया गया कि बाल संरक्षण आयोग के तहत बच्चों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। प्रशासन की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

