
नई दिल्ली : राहुल गांधी ने रायबरेली में आयोजित बहुजन स्वाभिमान सभा में केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सेवक संघ पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार संविधान की मूल भावना को कमजोर कर रही है और देश के संसाधनों को चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों में सौंपा जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी, वीरा पासी और अन्य समाज सुधारकों की विचारधारा की आवाज है, जिसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को ‘गद्दार’ करार देते हुए आरोप लगाया कि वे रोजाना संविधान पर हमला कर रहे हैं और चुनींदा उद्योगपतियों को देश के हित बेच चुके हैं। उनके इस बयान पर सियासी बवाल मच गया है। भाजपा ने इस पर तीखी टिप्पणी की है। राहुल ने संविधान को डॉ. बीआर अंबेडकर व महात्मा गांधी की ‘आवाज का प्रतिनिधित्व’ करने वाला दस्तावेज बताते हुए इसकी रक्षा करने का आह्वान किया। राहुल अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में जिले के क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित बहुजन स्वाभिमान सभा को संबोधित कर रहे थे।
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने, जातिगत जनगणना नहीं कराने और सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण के जरिए संविधान पर लगातार हमला किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपति अंबानी और अदाणी के हितों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि आम जनता महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि आने वाले महीनों में देश में महंगाई तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद्यान्न की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं और ईंधन बचाने की अपील पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार आर्थिक संकट की वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास कर रही है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही भाजपा
राहुल गांधी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण, स्वतंत्र मीडिया और न्यायपालिका के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। सभा के दौरान राहुल गांधी ने नोटबंदी और कोविड लॉकडाउन का जिक्र करते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों को असफल बताया। उन्होंने कहा कि इन फैसलों का सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों, मजदूरों और किसानों को हुआ, जबकि बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया। कांग्रेस नेता ने लोगों से सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया।

