हिमालय की खूबसूरत वादियों, ऊंचे पहाड़ों और शांत ग्रामीण जीवन का शानदार अनुभव देता है रैथल गांव

उत्तराखंड का रैथल गांव हिमालयी खूबसूरती, शांत वातावरण और दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए मशहूर है। जानिए यहां पहुंचने का रास्ता, ठहरने की सुविधा और घूमने का सही समय।

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बसा रैथल गांव हिमालय की खूबसूरत वादियों, ऊंचे पहाड़ों और शांत ग्रामीण जीवन का शानदार अनुभव देता है। समुद्र तल से लगभग 2,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गांव खासतौर पर दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से आगे बढ़ते ही रास्ता घने जंगलों और देवदार के पेड़ों से होकर गुजरता है। फिर सामने खुलते हैं विशाल हरे घास के मैदान, जहाँ से बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों के शानदार नज़ारे दिखाई देते हैं।

रैथल पहुँचने के लिए देहरादून से 180–190 किमी और ऋषिकेश से करीब 200 किमी सड़क मार्ग से सफर करना पड़ता है। उत्तरकाशी शहर से यह गाँव करीब 40–45 किमी दूर है। नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन देहरादून और ऋषिकेश हैं। वहाँ से बस या टैक्सी लेकर उत्तरकाशी पहुँच सकते हैं और फिर भटवाड़ी होते हुए रैथल जा सकते हैं। गाँव में ठहरने के लिए होमस्टे उपलब्ध हैं।

रैथल का सबसे बड़ा आकर्षण दयारा बुग्याल है, जहाँ तक ट्रेक करके पहुँचा जा सकता है। मई से जून के दौरान यहाँ हरे-भरे मैदानों की खूबसूरती देखने को मिलती है, जबकि सितंबर से नवंबर तक मौसम साफ रहने पर पहाड़ों के शानदार नज़ारे दिखाई देते हैं। सर्दियों में बर्फबारी इस इलाके को एक अलग ही रूप दे सकती है। अगर आप शहरों के शोर से दूर पहाड़ों के बीच सुकून, खूबसूरत नज़ारे और रोमांचक ट्रेक का अनुभव चाहते हैं, तो रैथल गाँव आपकी यात्रा की शानदार मंजिल बन सकता है।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।