रांची : राजधानी के दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मन्दिर में शनिवार को शुद्ध ज्येष्ठ कृष्णपक्ष की पहली तिथि के त्रिपुष्कर योग में 929 वें खिचड़ी भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भंडारे में 1382 लोगों ने खिचड़ी का महाप्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः कालीन धार्मिक-वैदिक अनुष्ठानों के साथ हुई। पापविमोचन प्रभु श्रीपद्मावती वल्लभ की विधि-विधान पूर्वक पूजा नित्याराधना की गई। जिसमें वेद, उपनिषद, सुक्तादि मंत्रों से भांति – भांति उपचार-प्रत्युपचार से पूजा अर्चना और वंदना जैसे महत्वपूर्ण सेवा- उपासना संपन्न किये गये।
पूजन के दौरान विभिन्न मंत्रों, ऋचाओं , श्लोकों और आगमोक्त विधियों के माध्यम से वेंकटाचलपति श्रीश्रीनिवास की आराधना हुई। जिससे पूरे मंदिर प्रांगण में आध्यात्मिक उर्जा से सराबोर हो गया। इसके उपरांत भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के चारों व्यूहों सहित महालक्ष्मी श्रीश्रीदेवी, श्रीभूमिदेवी समेत सभी विग्रहों की भव्य महाआरती की गई, जिसे देख श्रद्धालुगण भाव-विभोर हो उठे। मराआरती के बाद भगवान को विधिवत खिचड़ी महाभोग का नैवेद्य चढ़ाया गया। इस दौरान मंदिर में घंटानाद और वेदोक्त ऋचाओं की गूंज से दिव्य वातावरण निर्मित हो गया। भंडारा आयोजन के यजमान शशिभूषण सिंह धर्मपत्नी वीणा सिंह और माही किशोर रहे। पूरे अनुष्ठान को सत्यनारायण गौतम और गोपेश आचार्य ने संपन्न कराया। कार्यक्रम को लेकर राम अवतार नरसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नरसरिया, राजेश सुलतानिया, रंजन सिंह, ओमप्रकाश गाड़ोदिया उपस्थित रहे।


