रांची: राजधानी रांची में बुधवार को मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसको लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के विभिन्न डैम, तालाबों और दूसरे जलाशयों पर विशेष सतर्कता बरतने की तैयारी की है। विसर्जन स्थलों पर खतरे के निशान तय किए गए हैं। साथ ही, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें हाई अलर्ट पर रहेंगी, ताकि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई चूक न हो।

खतरे के निशान के आगे सुरक्षा घेरा, गोताखोर और नावें भी रहेंगी तैनात
प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को डैम और तालाबों में निर्धारित सुरक्षित सीमाओं का पालन करना होगा। खतरे के निशान से आगे NDRF की टीम सुरक्षा घेरा बनाकर तैनात रहेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति गहरे पानी की ओर न जा सके। रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता विसर्जन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए संवेदनशील घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ नावों की भी व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग और सुरक्षित आवागमन के इंतजाम किए गए हैं। किसी भी दुर्घटना या चोट लगने की स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी। जरूरत पड़ने पर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि मां दुर्गा की विदाई का यह आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के विसर्जन की रस्म पूरी कर सकें।


