विवेक शर्मा

रांची: राजधानी रांची में लटकते बिजली के तार, खुले जंक्शन बॉक्स और नीचे झूल रहे ओवरहेड बिजली के तार लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। शहर के कई इलाकों में लोग बारिश के बाद भी करंट लगने, शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटनाओं की आशंका के बीच रहने को मजबूर हैं। बता दें कि करोड़ों रुपए खर्च कर अंडरग्राउंड केबलिंग का काम भी जारी है। इसके बावजूद कई जगहों पर लोगों के सिर पर मौत झूल रही है। जिससे साफ है कि बिजली विभाग भी किसी हादसे का इंतजार कर रहा है।
हेतु (बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के पास), आर्या होम मेगा सन सिटी, रोशपा टावर, न्यू पुलिस लाइन, जैप डोरंडा, लालपुर, अपर बाजार, चर्च रोड, मेट्रो गली, रातू रोड और मधुकम सहित कई क्षेत्रों में बिजली के तार क्षतिग्रस्त या बेहद नीचे लटके हुए हैं। वहीं हरमू बायपास में तो लोगों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है। बिरसा मुंडा बस टर्मिनल में भी हमेशा बसों के तार और ट्रांसफार्मर के संपर्क में आने का खतरा बना हुआ है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि तेज बारिश, जलजमाव और हवा चलने पर हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
चिरौंदी के हिल व्यू लेन में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले छह महीने से बिजली का तार पोल से लटका हुआ है। शिकायत के बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई है। वहीं मेट्रो गली की महिला ने कहा कि बच्चे अक्सर इन तारों के आसपास खेलते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
रोशपा टावर के पास लोगों ने जंक्शन बॉक्स से चिंगारी निकलते हुए देखी है। अपर बाजार के दुकानदार ने कहा कि बारिश के समय लोग इन सड़कों से गुजरने से बचते हैं क्योंकि नीचे लटके तार लगातार डर पैदा करते हैं। लोगों ने मांग की है कि किसी बड़े हादसे से पहले सभी संवेदनशील स्थानों की पहचान कर क्षतिग्रस्त तारों को तत्काल बदला जाए। हालांकि, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का कहना है कि शहर में मेंटेनेंस का कार्य लगातार किया जा रहा है।


