आईटीआई की संख्या में 82% वृद्धि के साथ झारखंड देश में 13वें स्थान पर पहुंचा

झारखंड में आईटीआई संस्थानों की संख्या 82 प्रतिशत बढ़कर 347 हो गई है। नामांकन में भी 81 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जिससे राज्य देशभर में 13वें स्थान पर पहुंचा।

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रांची: देशभर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विस्तार के क्रम में झारखंड ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में आईटीआई की संख्या में 82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके साथ झारखंड पूरे देश में 13वें स्थान पर पहुंच गया है। वर्ष 2014 में राज्य में कुल 191 आईटीआई संस्थान थे, जिनकी संख्या वर्ष 2026 में बढ़कर 347 हो गई है। झारखंड की यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय औसत (लगभग 44 प्रतिशत) की तुलना में काफी बेहतर है।

आईटीआई की संख्या बढ़ने के साथ ही राज्य के युवाओं में तकनीकी शिक्षा के प्रति रुझान भी तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, नामांकन सत्र 2014-15 में छात्रों की संख्या 26,748 थी, जो सत्र 2025-26 में बढ़कर 48,331 हो गई है। इस प्रकार नामांकन में करीब 81 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है।

पड़ोसी राज्यों की तुलना करें तो आईटीआई संस्थानों की संख्या बढ़ाने के मामले में झारखंड चौथे स्थान पर है। इस सूची में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जहां संस्थानों की संख्या में 1,715 की वृद्धि हुई है। इसके बाद बिहार (+630) दूसरे और पश्चिम बंगाल (+210) तीसरे स्थान पर हैं। वहीं झारखंड (+156) चौथे और छत्तीसगढ़ (+74) पांचवें स्थान पर रहे, जबकि ओडिशा में इस अवधि के दौरान आईटीआई की संख्या में 24 की कमी दर्ज की गई है। नामांकन वृद्धि के मामले में भी 21,583 की बढ़ोतरी के साथ झारखंड अपने पड़ोसी राज्यों के बीच चौथे स्थान पर कायम है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।